Silver Price Crash 2026: Sharp Fall, Should You Buy No
Silver prices have fallen sharply in 2026 after a strong rally, losing nearly all yearly gains. Find out the reasons behind the crash and whether it’s the right time to invest in silver now.
चांदी की कीमतों में इस साल बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल 2025 में जबरदस्त तेजी दर्ज करने के बाद, 2026 की शुरुआत में भी चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन उसके बाद कीमतों में भारी गिरावट आ गई है। तीन महीने पहले जहां चांदी लगभग ₹4.39 लाख प्रति किलो के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, वहीं अब यह करीब ₹2.38 लाख प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रही है। इस तरह चांदी ने इस साल की अपनी पूरी बढ़त लगभग गंवा दी है, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं। पहला कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है, खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष। आमतौर पर ऐसे हालात में सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार उल्टा असर देखने को मिला है। बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए नकदी जुटाना शुरू किया, जिससे कई एसेट क्लास में बिकवाली बढ़ गई, जिसमें कीमती धातुएं भी शामिल हैं।
दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती और Federal Reserve की सख्त मौद्रिक नीति है। डॉलर मजबूत होने से अन्य देशों के निवेशकों के लिए चांदी महंगी हो जाती है, जिससे इसकी मांग घटती है। इसके अलावा, चांदी जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर निवेशकों की रुचि भी कम हुई है।
तीसरा कारण प्रॉफिट बुकिंग है। पिछले साल और इस साल की शुरुआत में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बना। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता ने भी चांदी की कीमतों में अस्थिरता बढ़ाई है।
अब सवाल यह है कि क्या यह चांदी खरीदने का सही समय है? जानकारों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर हो सकती है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखना जरूरी है।
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